
Qurbani Easy Editorial Team
The Qurbani Easy Editorial Team comprises Islamic scholars, content specialists, and community outreach professionals dedicated to making Qurbani accessible, transparent, and Shariah-compliant for Muslims worldwide. Every article is reviewed by our Advisory Board before publication.
Last reviewed: June 19, 2026 · Published: June 18, 2026
बहुत से लोग सवाल करते हैं: “हम जो कुर्बानी कराते हैं, उसका गोश्त कहां जाता है? क्या सच में गरीबों तक पहुंचता है?” Qurbani Easy में हम 100% पारदर्शिता के साथ काम करते हैं।
हमारी डिस्ट्रीब्यूशन प्रोसेस
जब आप हमारे ज़रिए कुर्बानी कराते हैं, तो हमारी टीम नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करती है:
- जानवर का चुनाव: स्वस्थ और शरई शर्तों (उम्र, सेहत, कोई खराबी न हो) पर खरा जानवर चुना जाता है
- ज़बह: तजुर्बेकार कसाई द्वारा इस्लामी तरीके से ज़बह किया जाता है, जिसे रिकॉर्ड किया जाता है
- मीट डिस्ट्रीब्यूशन: पूरा गोश्त ज़रूरतमंदों तक पहुंचाया जाता है — तीन हिस्सों में: एक हिस्सा आस-पास के गरीबों को, दूसरा गांव-देहात के ज़रूरतमंदों को, तीसरा यतीमों और विधवाओं को
- वीडियो प्रूफ: आपको WhatsApp पर कुर्बानी और डिस्ट्रीब्यूशन दोनों की वीडियो मिलती है
हम डोनर को मीट क्यों नहीं भेजते?
हमारा मॉडल 100% ज़कात-कम्प्लायंट है। कुर्बानी का मकसद अल्लाह की रज़ा और गरीबों की मदद है। जब डोनर खुद गोश्त खाते हैं तो मदद का पैमाना कम हो जाता है। इसलिए सारा गोश्त सीधे उन लोगों तक जाता है जो साल में एक बार भी मीट नहीं खा पाते।
2025 में हमने 46,000 से ज़्यादा गरीब परिवारों तक कुर्बानी का मीट पहुंचाया — तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-NCR में।
हमारी ऑनलाइन कुर्बानी सेवा का हिस्सा बनें और अल्लाह की रज़ा कमाएं।
क्या हमारी टीम भरोसेमंद है?
हां। हमारी पूरी टीम इस्लामिक स्कॉलर्स की एडवाइज़री बोर्ड की निगरानी में काम करती है। हर कुर्बानी शरई तरीके से और पूरी पारदर्शिता के साथ अंजाम दी जाती है।
✅ Shariah-Supervised Services
Every Qurbani, Aqeeqah, and Sadqah through Qurbani Easy is supervised by our Advisory Board of Islamic Scholars. Book your Qurbani 2027 now →